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फिल्म स्टारों जैसी…वो खिलाडी जिसकी एक गलती से खत्म हो गया करियर एवं जिंदगी, जानें उनकी कहानी

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई अनोखे और दर्दनाक किस्से दर्ज हैं। खेल के मैदान पर हादसे होना असामान्य नहीं है, लेकिन कुछ घटनाएं हमेशा के लिए दिल दहला देती हैं। ऐसी ही एक त्रासदी भारत के पूर्व क्रिकेटर रमन लांबा के साथ हुई, जिन्होंने महज एक छोटी सी चूक के कारण अपनी जान गंवा दी। 2 जनवरी 1960 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में जन्मे रमन लांबा भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारों में शामिल थे। अगर उन्होंने ढाका के मैदान पर फील्डिंग के दौरान हेलमेट पहन लिया होता, तो शायद आज वह हमारे बीच होते। रमन लांबा ने 7 सितंबर 1986 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जयपुर में खेले गए वनडे मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। अपने पहले ही मुकाबले में उन्होंने 64 रनों की शानदार पारी खेली और भारत ने यह मैच सात विकेट से जीत लिया। अपने करियर में लांबा ने कुल 32 वनडे मैच खेले, जिनमें 783 रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने चार टेस्ट मैचों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने 121 मैचों में 8,776 रन बनाए। रमन लांबा बांग्लादेश की राजधानी ढाका में क्लब क्रिकेट खेल रहे थे। वह अबाहानी क्रीड़ा चक्र की ओर से मैदान में उतरे थे, जहां उनका मुकाबला मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब से था। इसी मैच के दौरान फील्डिंग करते समय गेंद लगने से उनकी जान चली गई। इस हादसे ने पूरे क्रिकेट जगत को गहरे सदमे में डाल दिया। 90 के दशक में रमन लांबा ओवरसीज प्रोफेशनल के तौर पर चार बार आयरलैंड के लिए भी खेले। इसी दौरान सितंबर महीने में उन्होंने आयरिश युवती किम से शादी की। 2014 में दिए एक इंटरव्यू में किम ने बताया था कि दोनों की मुलाकात बिल्कुल संयोग से हुई थी। एक भीड़ भरे कमरे में नजरें मिलीं और रमन सीधे उनके पास आकर बात करने लगे। किम के अनुसार, यह पहली नजर का प्यार था। रमन ने उसी पहली मुलाकात में कह दिया था कि वह जानते हैं कि किम ही उनकी जीवनसाथी होंगी। उस दौर में भारतीय टीम में दो युवा खिलाड़ी मोहम्मद अजहरुद्दीन और रमन लांबा खास तौर पर चर्चा में रहते थे। मैदान पर उनका आत्मविश्वासी अंदाज, शानदार फील्डिंग और आक्रामक बल्लेबाजी उन्हें अलग पहचान दिलाती थी। मैदान के बाहर उनकी शख्सियत इतनी आकर्षक थी कि जो उन्हें नहीं जानता, वह उन्हें फिल्मी सितारा समझ बैठता। शायद यही वजह थी कि 80 और 90 के दशक में रमन लांबा की लोकप्रियता किसी बॉलीवुड स्टार से कम नहीं थी।

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