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नवंबर संविधान दिवस पर आसान और छोटा निबंध, फटाफट होगा याद

संविधान दिवस के अवसर पर स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन और अन्य चीजें शामिल होती हैं। यहां हम आपके लिए संविधान दिवस पर 450 से अधिक शब्दों का निबंध लेकर आए हैं, जिससे आप संविधान दिवस निबंध का आइडिया ले सकते हैं। इस निबंध को आप अपने भाषण में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

संविधान दिवस निबंध-

26 नवंबर का दिन देश भर भर में संविधान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन को राष्ट्रीय संवैधानिक दिवस और राष्ट्रीय कानून दिवस के तौर पर भी मनाया जाता है। दरअसल 26 नवम्बर 1949 को संविधान को अपनाया गया था और राष्ट्र को समर्पित किया गया था। इसके बाद 26 जनवरी 1950 में इसे लागू किया गया था। इसलिए हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।

पहले इस दिन को ‘कानून दिवस’ के रूप में मनाया जाता था। लेकिन, वर्ष 2015 में, भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर की 125वीं जयंती मनाने के लिए 26 नवंबर को आधिकारिक तौर पर ‘संविधान दिवस’ घोषित किया।

संविधान दिवस मुख्य रूप से डॉ. बी.आर. अंबेडकर को सम्मानित करने और संवैधानिक मूल्यों, अधिकारों तथा कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। डॉ. अंबेडकर को ‘भारतीय संविधान का जनक’ कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने संविधान के प्रारूप समिति की अध्यक्षता की थी। हमारे संविधान ने भारत को संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया। यह देश के सभी नागरिकों को न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सुनिश्चित करता है।

भारत सरकार अधिनियम, 1935 के बाद देश को एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने के लिए नियमों के एक सेट की जरूरत महसूस हुई। इसके बाद दिसंबर 1946 में एक संविधान सभा का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। सभा ने पहली बार 9 दिसंबर 1946 को बैठक की। इस सभा में डॉ. बी.आर. अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल जैसे 389 प्रमुख नेता शामिल थे। संविधान का प्रारूप डॉ. अंबेडकर की अध्यक्षता वाली समिति को सौंपा गया। अंबेडकर ने 1948 में संविधान का मसौदा पेश किया। लगभग दो साल से अधिक समय तक और ग्यारह सत्रों में चर्चा करने के बाद, 26 नवंबर 1949 को कुछ संशोधनों के साथ इस मसौदे को अपना लिया गया।

भारतीय संविधान विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान है। इसके कई हिस्से यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, जर्मनी, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और जापान के संविधान से लिये गये हैं। इसमें देश के नागरिकों के मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों, सरकार की भूमिका, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री की शक्तियों का वर्णन किया गया है। विधानपालिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका का क्या काम है, उनकी देश को चलाने में क्या भूमिका है, इन सभी बातों का जिक्र संविधान में है।

भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। जब यह लागू हुआ था, तब इसमें 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थीं। संविधान की प्रस्तावना देश को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित करती है, जो सभी नागरिकों के लिए न्याय, स्वतंत्रता और समानता सुनिश्चित करता है। सरकार द्वारा इस दिन ‘हमारा संविधान, हमारा सम्मान’ जैसे कार्यक्रम चलाए जाते हैं, ताकि युवाओं में राष्ट्रीय विकास के लिए संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा दिया जा सके।

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