मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर दिल्ली में ईडी की एक और छापेमारी, अबतक 10 करोड़ के गहने व नगदी बरामद

नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक दिन पहले दिल्ली के सर्वप्रिया विहार इलाके के एक घर में तलाशी अभियान चलाया था, और वहां से 5.12 करोड़ रुपए नकद और 8.80 करोड़ रुपए के सोने तथा हीरे के आभूषणों से भरा एक सूटकेस बरामद किया था। इस कार्रवाई के साथ ही ईडी ने शहर के वेस्टएंड ग्रीन फार्म्स में सुनील गुप्ता नाम के एक शख्स के घर व फार्महाउस पर भी तलाशी अभियान चलाया था, जिसके बारे में विभाग ने आज यानी गुरुवार को जानकारी दी। विभाग ने बताया कि गुप्ता के ठिकानों से अबतक 8.50 करोड़ रुपए की ज्वेलरी और 1.22 करोड़ रुपए की नगदी बरामद हुई है। ईडी ने बताया कि यह अभियान 30 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ था और कार्रवाई अभी भी जारी है।
इस बारे में जानकारी देते हुए ईडी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि सुनील गुप्ता ने पहले इंदरजीत सिंह के साथी अमन कुमार को लोन दिया था और ED की जांच के बाद अमन कुमार ने सुनील गुप्ता को बड़ी रकम ट्रांसफर करके अपराध से मिले पैसे को ठिकाने लगाने की कोशिश की।
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह नोट गिनने वाली मशीनों से लैस बैंक के अधिकारियों को बुलाया गया, और कल तक 5.12 करोड़ रुपए की नकदी, 8.80 करोड़ रुपए के सोने और हीरे के आभूषणों से भरे एक सूटकेस के अलावा 35 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और बैंक की चेकबुक से भरा एक बैग बरामद किया गया है।
ईडी द्वारा लगाए गए आरोपों पर टिप्पणी के लिए इंदरजीत सिंह यादव और अमन कुमार दोनों से ही संपर्क नहीं हो सका। यादव के खिलाफ धनशोधन का मामला कथित अवैध वसूली, निजी वित्तदाताओं से जबरन ऋण निपटान और ऐसी अवैध गतिविधियों से कमीशन कमाने से संबंधित है।
ईडी का यह मामला यादव और उसके सहयोगियों के खिलाफ हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से दायर 14 FIR और आरोप-पत्र से जुड़ा है। ईडी ने 29 दिसंबर को जारी एक बयान में कहा कि यादव हरियाणा पुलिस के विभिन्न मामलों में वांछित है और वर्तमान में फरार है तथा यूएई से अपना काम कर रहा है।
